जानिए बच्चों के लिए दूध क्यों ज़रूरी है?
बच्चों के लिए दूध बहुत जरूरी होता है क्योंकि इसमें बहुत सारे पोषक तत्व होते हैं जैसे प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी2, विटामिन बी12, फॉस्फोरस, आयोडीन और पोटैशियम होता है। ये सभी बच्चों के शरीर को मजबूत बनाने और सही तरीके से बढ़ने में मदद करते हैं. लेकिन हर बच्चे की जरूरत अलग होती है, और सभी दूध एक समान नहीं होते. तो, माता-पिता के लिए यह जानना जरूरी है कि उनके बच्चे के लिए कौन सा दूध सबसे अच्छा है. आइए जानते हैं कि किस उम्र में कौन सा दूध बच्चों के लिए अच्चे होता है..
0 तो 12 मंथ तक मां का दूध बच्चों के लिए सबसे अच्छा होता है, क्योंकि यह सभी आवश्यक पोषक तत्वों, एंटीबॉडीज, और उचित पोषण का सबसे प्राकृतिक स्रोत है। अगर माँ का दूध उपलब्ध नहीं हो तो, डॉक्टर की सलाह से इन्फैंट फॉर्मूला एक विकल्प हो सकता है।
एक साल के ऊपर के बच्चो एनिमल मिल्क दे सकते है। अब सवाल ए उठता है गाय का या भैंस का ? बच्चों के लिए गाय और भैंस का दूध दोनों ही पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन दोनों के पोषण मूल्य में कुछ अंतर होता है. गाय का दूध प्रोटीन और विटामिन बी-12 में अधिक होता है और इसका पाचन आसान होता है, जो छोटे बच्चों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। लेकिन दुध देसी गाय का होना चहिए। वहीं, भैंस का दूध कैल्शियम, पोटैशियम और फैट में अधिक होता है, जो तेजी से बढ़ रहे बच्चों के लिए लाभदायक हो सकता है। अगर आप का बच्चा दुबला पतला है। उसका वजन नही बढ़ रहा है तो उसके लिए भैंस का दूध फायदेमंद होगा।
बच्चो के लिए देसी गाय का दूध सबसे उपयुक्त माना गया है क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में मिनरल्स और विटामिन होते हैं जो बच्चों की ग्रोथ में बहुत ही फायदेमंद साबित होते हैं और आसानी से डाइजेस्ट भी हो जाता है।
गाय का दूध पीने के फायदे
एक सम्पूर्ण पोषक आहार :- दूध को बिना वजह ही सबसे ज़्यादा पोषक चीज़ नहीं कहा जाता है। इंडियन फ़ूड कम्पोज़िशन टेबल, 2017 के अनुसार भारत में 100 ग्रा. गाय के दूध में नीचे दिए पोषक तत्त्व होते हैं :
प्रोटीन: 3.26 ग्राम
वसा : 4.48 ग्राम
कैल्शियम: 118 मिलीग्राम
रिबोफ़्लेविन (बी2 ): 0.11 मिलीग्राम
विटामिन बी9: 7.03 माइक्रोग्राम
पोटैशियम: 115 मिलीग्राम
विटामिन ए :58.25 माइक्रोग्राम
रेकमेंडेड डाइट्री अलाउंस में दिए गए ज़रूरी पोषक तत्वों जैसे विटामिन और मिनरल का एक बड़ा हिस्सा (खासकर अच्छी सेहत के लिए रोज़ाना ज़रूरी पोषक तत्वों की अनुमानित मात्रा) रोज़ाना दूध पीने से ही मिल जाता है और इसीलिए बढ़ते बच्चों को दूध ज़रूर पीना चाहिए।
प्रोटीन का मुख्य स्रोत : – दूध में अच्छे स्तर का प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। एक कप दूध में 8 ग्राम प्रोटीन होता है जो वृद्धि और विकास में मदद करने के साथ ही बीमारियों से लड़ने की ताकत को बढ़ाता है। दूध में दो तरह का प्रोटीन पाया जाता है – कैसिइन और व्हे प्रोटीन। ये दोनों ही अच्छे प्रोटीन माने जाते हैं। दूध से मिलने वाले प्रोटीन की खासियत यह है कि इसमें सभी 9 तरह के अमीनो एसिड होते हैं जो शरीर के सभी अंगों को ठीक से काम करने के लिए ज़रूरी हैं।
मज़बूत हड्डियाँ :- दूध में कैल्शियम, फ़ॉस्फ़ोरस, पोटैशियम और प्रोटीन होता है जिससे यह हड्डियों को मज़बूत और सेहतमंद बनाता है। अगर बच्चे रोज़ दूध पीते हैं, तो उन्हें बड़ी उम्र में होने वाली हड्डियों की बीमारियों जैसे ऑस्टियोपोरोसिस आदि से कम खतरा होता है। इसके साथ ही, दूध में भरपूर प्रोटीन होता है और बोन वॉल्यूम का 50% और बोन मास का 33% भी प्रोटीन से ही बनता है।
दूध और माँसपेशियों का विकास :- दूध में प्रोटीन के साथ -साथ सैचुरेटेड फ़ैट भी भरपूर होता है। एक तरफ जहाँ प्रोटीन माँसपेशियों को बनाने और उनको बढ़ाने का काम करता है, वहीं सैचुरेटेड फ़ैट माँसपेशियों को एनर्जी के लिए इस्तेमाल होने से बचाता है। इस तरह दूध माँसपेशियों को सेहतमंद बनाता है, जिससे बच्चे को न सिर्फ़ ताकत मिलती है,पर साथ ही उसका मेटाबॉलिज़्म भी अच्छा रहता है।
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